मसीही प्रार्थनाओं का महत्व
मसीही प्रार्थना में कई तरह की प्रार्थनाएँ होती हैं जैसे धन्यवाद की प्रार्थना, सुबह की प्रार्थना, रात की प्रार्थना, खाने से पहले की प्रार्थना, और वे प्रार्थनाएँ जो चंगाई (चिकित्सा), क्षमा, शक्ति, परेशानी, मार्गदर्शन पर केंद्रित होती हैं, जिसमें पिता (परमेश्वर), पुत्र (यीशु मसीह) और पवित्र आत्मा का आभार, स्तुति और महिमा भी शामिल होते हैं। जिस प्रकार हमारी समस्याएँ अलग-अलग प्रकार की होती हैं, उसी प्रकार उन समस्याओं का सामना करने के लिए भी अलग-अलग प्रार्थनाएँ होती हैं जो आपको आत्मिक रूप से मज़बूत और विश्वासयोग्य बने रहने में सहायता करेंगी।
आइए, हम उन सभी प्रार्थनाओं के विषय में विस्तार से जानें और सीखें कि कैसे हम प्रार्थनाओं के द्वारा अपने आत्मिक जीवन में उन्नति कर सकते हैं।
1.धन्यवाद की मसीही प्रार्थना
जैसे हम अपने सांसारिक जीवन में, जब कोई हमारे लिए कुछ करता है तो हम उनको धन्यवाद देते हैं, वैसे ही हमें अपने रचनेवाले को भी धन्यवाद देना है, क्योंकि वह हमें हर दिन एक नया जीवन देते हैं जीने के लिए।
और प्रभु का वचन भी यही कहता है: “हर बात में धन्यवाद करो, क्योंकि तुम्हारे लिए मसीह यीशु की यही इच्छा है” (1 थिस्सलुनीकियों 5:18)।
प्रत्येक दिन की धन्यवाद की प्रार्थना:
“धन्यवाद प्रभु! आपने हमें एक नया जीवन दिया है, हमें हर एक परेशानी से निकाला, इसके लिए हम आपका धन्यवाद देते हैं। हम मर-मिट नहीं गए यह आपकी महा करुणा का फल है पिता। हमें जीवित रखा है खुदावन्द, इसके लिए भी हम आपका धन्यवाद देते हैं। प्रभु! आपने हमारी ज़रूरतों को पूरा किया, इसके लिए भी आपका धन्यवाद।और हम यह विश्वास करते हैं कि पवित्र आत्मा इसी प्रकार अपनी अगुवाई में हमें ले चले और इस योग्य बनाए कि विभिन्न परिस्थितियों में भी हम आपको धन्यवाद देने वाले होने पाएं।
सारी चीज़ों में प्रभु! आपको आदर, इज़्ज़त, महिमा और धन्यवाद मिलने पाएँ। आमीन।”
2.सुबह की मसीही प्रार्थना
हम सभी जानते हैं कि भोर के समय प्रार्थना करने से हमारा पूरा दिन आशीषित रूप से व्यतीत होता है, और परमेश्वर ने नया दिन हमारे जीवन में जोड़ दिया है तो पूरा दिन अच्छे तरीक़े से बीते इसके लिए हमें सुबह अपनी व्यक्तिगत प्रार्थना ज़रूर करनी चाहिए। इससे आपके आत्मिक जीवन में उन्नति होगी। और यदि आप सुबह प्रार्थना में बैठते हैं तो भोर का समय उचित रहता है, जैसे 4 से 6 बजे तक, क्योंकि प्रभु के वचन में यह लिखा भी है: “हे यहोवा! भोर को मेरी वाणी तू सुनता है; भोर को मैं तेरे लिए बलिदान तैयार करके जागता रहता हूँ” (भजन संहिता 5:3)।
हर दिन सुबह की प्रार्थना:
“जीवित अनुग्रहकारी प्रिय पिता, हम आपका धन्यवाद करते हैं खुदावंद, आपने हमें एक नया दिन, एक नया जीवन दिया है। आज पूरे दिन हम जो कुछ भी कार्य करते हैं, उन सभी कार्यों से आपको महिमा मिलने पाए। प्रभु, आज हम जहाँ कहीं भी जाते हैं, आप हमारी अगुवाई करें। और पवित्र आत्मा हमें पूरे दिन भर संभाले रखे, और हर एक मुसीबत और कठिनाइयों का सामना करने का साहस दे। अतः पूरे दिन को मैं आपके हाथों में समर्पित करता हूँ, सारी आदर, इज्जत, महिमा आपको मिले। आमीन।”
3. क्षमा की मसीही प्रार्थना
हम सभी अपने सांसारिक जीवन में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपने आत्मिक जीवन पर ध्यान नहीं दे पाते, जिसके कारण हमारे आत्मिक जीवन की उन्नति कहीं न कहीं रुक जाती है, जो हमें पिता और पवित्र आत्मा से दूर ले आती है। और इसी वक्त शैतान आपको भटकाने की कोशिश करता है।जब कभी हमसे कोई गलती हो जाती है या हम कुछ ऐसे कार्य करते हैं जो परमेश्वर की सम्मुख उचित नहीं है, तब हमें पिता और पवित्र आत्मा से क्षमा माँगने की आवश्यकता है। यदि हम अपने गुनाहों को स्वीकार करें और उसका पश्चाताप करें, तो प्रभु हमें अवश्य क्षमा करेंगे,क्योंकि हमारा परमेश्वर उदारता से क्षमा करने वाला परमेश्वर है, और बाइबल कहती है: “यदि हम अपने पापों को स्वीकार कर लें, तो वह विश्वासयोग्य और न्यायी है, और वह हमें हमारे पापों को क्षमा करेगा और सभी अधर्म से शुद्ध करेगा” (1 यूहन्ना 1:9)।
प्रार्थना करते समय हमें सबसे पहले अपने गुनाहों को स्वीकार करना है, फिर उसके लिए क्षमा माँगना है।
क्षमा के लिए प्रार्थना:
“प्रिय पिता, हम आपका धन्यवाद देते हैं, आपने इस वक्त हमें अपने सम्मुख लाया है ताकि हम अपनी गलतियों को स्वीकार कर आपसे क्षमा माँग सकें। खुदावंद, हम दुआ करते हैं, जाने-अनजाने में हमसे जो भी गलतियाँ हुई हैं, उसके लिए आप हमें क्षमा करें और शैतान के हर एक भटकाने वाली आत्मा से बचाए रखें, क्योंकि आपका वचन कहता है: ‘धर्मी अगर सात बार भी गिरे तो भी उठ खड़ा होता है'(नीतिवचन २४:१६)प्रभु, हम अपना जीवन आपके हाथों में समर्पित करते हैं। आमीन।”
4. चंगाई की मसीही प्रार्थना
“जब हम किसी रोग से ग्रसित होते हैं या हमें कोई बीमारी होती है तो हम सबसे पहले डॉक्टर के पास जाकर उसकी दवाई लेते हैं ताकि हम चंगे हो सकें, परन्तु क्या हम सिर्फ दवाइयों से ठीक हो सकते हैं? मसीही जीवन में यदि आप किसी बीमारी के शिकार होते हैं तो सबसे पहले हमें परमेश्वर से प्रार्थना करने की आवश्यकता है, वह हमारा ज़िन्दा खुदा है जो हमें पूर्ण रूप से चंगा करता है। जब हम बीमारी की अवस्था में प्रार्थना करते हैं तब पवित्र आत्मा हमें छू कर चंगा करता है क्योंकि प्रभु यीशु मसीह का लहू उस कलवरी पर बहा ताकि हम चंगे हो सकें।”
बाइबल भी कहती है: “परन्तु वह हमारे अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के कारण कुचला गया; हमारी शान्ति के लिए उस पर ताड़ना पड़ी, कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएँ” (यशायाह 53:5)।
चंगाई पाने के लिए प्रार्थना:
“जीवित खुदावंद, इस वक्त हम आपके सम्मुख आते हैं, और विश्वास के साथ यह प्रार्थना करते हैं कि, ‘पिता मैं शारीरिक रूप से निर्बल हूँ, मुझे बल दीजिए। शरीर के जिस अंग में मुझे तकलीफ़ है, आप छू कर मुझे पूर्ण रूप से चंगा करें, जिसके द्वारा मैं एक नई गवाही बन सकूँ, आपके पवित्र नाम में आमीन।”
5. भोजन करने से पहले की मसीही प्रार्थना
“प्रतिदिन में हम जो भी भोजन ग्रहण करते हैं वह परमेश्वर हमारे लिए उपाय करते हैं, और हमें उन सभी के लिए उनको धन्यवाद देना चाहिए। क्योंकि जब यीशु मसीह अपने चेलों के साथ भोजन कर रहे थे तब उन्होंने उसे ग्रहण करने से पहले, रोटी ली और परमेश्वर का धन्यवाद किया, ताकि हम इससे सीखें और भोजन करने से पहले परमेश्वर को धन्यवाद दें। यह हमारी धार्मिकता को दर्शाता है।”
बाइबल में भी यह लिखा हुआ है: “और यह कहकर उसने रोटी लेकर सबके सामने परमेश्वर का धन्यवाद किया; और तोड़कर खाने लगा” (प्रेरितों के काम 27:35)।
भोजन के समय की प्रार्थना:
“पवित्र आत्मा, हम आपका धन्यवाद करते हैं, आपने हमें यह भोजन दिया है। इसे आशीष दें, और जिसने भी इसे बनाया है उसे बहुतायत से आशीष दें, यीशु के पवित्र नाम में। आमीन।”
6. रात की मसीही प्रार्थना
“जब पूरा दिन हमारा अच्छे से व्यतीत होता है, तो बिस्तर में जाने से पहले हमें अपना व्यक्तिगत प्रार्थना ज़रूर करना चाहिए, क्योंकि परमेश्वर हमें पूरे दिन अपनी अगुवाई में ले चलता है, जिसके लिए हमें उनका धन्यवाद देना चाहिए। और पूरे दिन पवित्र आत्मा हमें सँभालता है।और हमें सारे बोझ से मुक्त करता है।
बाइबल कहती है: “हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे हुओं, मेरे पास आओ; और मैं तुम्हें विश्राम दूँगा” (मत्ती 11:28)।
सोने से पहले की प्रार्थना:
“जीवित खुदावंद, हम आपका धन्यवाद करते हैं, क्योंकि आपने हमें पूरे दिन सँभाल कर रखा। हमने जो कुछ भी किया उसमें आपने हमारी अगुवाई करी, और अभी इस रात्रि की घड़ी में लाया ताकि हम आपका धन्यवाद कर सकें। प्रभु, इस रात्रि की घड़ी में हम आपसे दुआ करते हैं कि हम सभी को अच्छी नींद प्रदान करें और अपने स्वप्न-दर्शन के द्वारा हमसे बातें करें, और अपने स्वर्गदूतों की छावनी हम पर बनाए रखें। पिता और पवित्र आत्मा के नाम से, आमीन।”
7. नए विश्वासियों के लिए सरल मसीही प्रार्थना
“यदि आप मसीही में नए हैं, और आप प्रार्थना करना सीखना चाहते हैं, तो आप शुरुआत प्रभु की प्रार्थना के साथ कर सकते हैं, जो प्रभु यीशु मसीह ने अपने वचन के द्वारा हमें दिया है, कि हमें किस रीति से प्रार्थना करनी चाहिए। आपके हृदय में जो भी इच्छाएँ और याचनाएँ हैं वो आप प्रभु के सामने रखें, और यह विश्वास करें कि वो आपकी प्रार्थनाओं का उत्तर ज़रूर देंगे।”बाइबल कहती है: “किसी भी बात की चिन्ता मत करो; परन्तु हर परिस्थिति में प्रार्थना और विनती के साथ धन्यवाद करते हुए, अपनी याचनाएँ परमेश्वर के सामने रखो” (फिलिप्पियों 4:6)।
सरल मसीही प्रार्थना (प्रभु की प्रार्थना):
“हे हमारे पिता, आप जो स्वर्ग में हैं, आपका नाम पवित्र माना जाए, आपका राज्य आए, आपकी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे ही पृथ्वी पर भी हो। हमारी दिनभर की रोटी आज हमें दें; और जिस प्रकार हमने अपने अपराधियों को क्षमा किया है, वैसे ही आप भी हमारे अपराधों को क्षमा करें। और हमें परीक्षा में न डाल, परन्तु बुराई से बचा; क्योंकि राज्य, पराक्रम, और महिमा सदा आपकी ही है। आमीन।”
8. बच्चों के लिए प्रार्थना
इस प्रतिदिन की मसीही प्रार्थना में बच्चों के लिए प्रार्थना का बहुत बड़ा महत्व है। यह छोटी सी प्रार्थना बच्चों के लिए है, जिसमें हम परमेश्वर से उनकी सुरक्षा, अच्छी सेहत, सही मार्गदर्शन और उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद मांगते हैं।
“हे जीवित परमेश्वर मेरे बच्चो पर अपनी दया को बनाये रखें, केवल आपके अनुग्रह के द्वारा ही हम जीवित रह सकते हैं, आपका वचन कहता है की (तेरी मेज़ के चारों ओर तेरे बालक जलपाई के पौधे से होंगे। भजन संहिता 128:3) हे प्रभु यीशु मेरा विश्वास है की आप ये वचन मेरे जीवन में पूरा करेंगे। आमीन”
9. परिवार के लिए प्रार्थना
यह प्रार्थना परिवार के लिए है, जिसमें हम परमेश्वर से अपने घर में प्रेम, शांति, एकता और बरकत के लिए प्रार्थना करते हैं।
“सर्वशक्तिमान जीवित परमेश्वर हम आपका धन्यवाद करते हैं आपकी दया के लिए जो आपने मुझे और मेरे परिवार को जीवित रखकर दिखाई। हे प्रभु हम आपकी सेवा अपनी पूरी ज़िन्दगी करते रहे और ये वचन हमारे परिवार में आपकी दया से पूरा हो
‘परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा ही की सेवा नित करूँगा।” ‘ यहोशू 24:15 आमीन”
10. पापों की क्षमा के लिए प्रार्थना
यह प्रार्थना पापों की क्षमा के लिए है। इसमें हम नम्रता के साथ परमेश्वर के सामने आकर अपनी गलतियों को स्वीकार करते हैं और प्रभु यीशु मसीह से दया और माफी मांगते हैं।
“हे प्रभु यीशु मसीह जब हम पापी ही थे तब आपने अपने प्राण देकर हमे हमारे पापो से आज़ाद किया इसलिए हम आपका धन्यवाद करते हैं इस नए जीवन के लिए, आपके अनुग्रह के लिए हम आपका धन्यवाद करते हैं, मैं अपने पापो को आपके सामने मानता हु और आज और अभी से उन सब पापो से मैं फिराता हूँ।
‘यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। 1 यूहन्ना 1:9 आमीन”
11. आत्मिक जीवन के लिए प्रार्थना
यह प्रार्थना आत्मिक जीवन के लिए है। इसमें हम परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमारा विश्वास मजबूत हो, हम उनके और करीब आएँ और हमारा जीवन पवित्र बने।
“हे प्रभु यीशु मसीह, मेरे जीवन को आत्मिक वरदानों से भर दे। मैं संसार में तो रहूँ, पर संसार का होकर न रहूँ, बल्कि आत्मिक जीवन की खोज में लगा रहूँ, ताकि जब आप आएँ तो आपके साथ जाने योग्य बन सकूँ। क्योंकि मेरा लक्ष्य इस दुनिया की वस्तुएँ पाना नहीं है, बल्कि आपके स्वर्गीय राज्य में आपके साथ जाना है। आमीन। क्योंकि आपके द्वारा ही छुटकारा है।
हे प्रभु यीशु, मैं एक पापी हूँ। मुझे क्षमा कर। मेरे सब पापों को अपने पवित्र लहू से धोकर मुझे शुद्ध कर।“आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ।” (इफिसियों 5:18) हे परमेश्वर, मेरी आत्मा को बल दे। आमीन”
12. पढ़ाई और बुद्धि के लिए प्रार्थना
यह प्रार्थना पढ़ाई और बुद्धि के लिए है। इसमें हम परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे हमें अच्छी समझ, तेज बुद्धि और ध्यान देने की शक्ति दें। हम प्रभु यीशु से निवेदन करते हैं कि वे हमारी मेहनत को सफल करें और हमें ज्ञान के साथ सही निर्णय लेने की सामर्थ्य दें।
“सर्वशक्तिमान जीवित परमेश्वर हम आपका धन्यवाद करते हैं की आपने हमे अच्छी बुद्धि दी जिसके द्वारा हम अपने सब काम कर सकते हैं, पिता हम आपसे प्रार्थना करते हैं की हमारी इस बुद्धि को खोल दीजिये और हमे पढाई करने की और ज़्यादा शक्ति और सामर्थ दीजिये।
आपका ये वचन हमारे जीवन में पूरा हो। ‘जिसमें बुद्धि और ज्ञान के सारे भण्डार छिपे हुए हैं। ‘ कुलुस्सियों 2:3 आमीन”
13. सुरक्षा के लिए प्रार्थना
यह प्रार्थना सुरक्षा के लिए है। इसमें हम परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे हमें हर प्रकार के खतरे, बीमारी और बुरी शक्तियों से बचाएं।
“सेनाओ के यहोवा परमेश्वर स्वर्गदूतों की सेनाओ के मालिक हम आपका धन्यवाद करते हैं की आप हमे हमेशा सुरक्षित रखते हैं, हे परमेश्वर हमारी आपसे विनती है की आप हमे अपनी सुरक्षा में बनाये रखें,
‘तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है, ‘ भजन संहिता 91:5, हे परमेश्वर ये वचन हमारे जीवन में यीशु मसीह के नाम से पूरा होने पाए। आमीन”
14. शांति और प्रेम के लिए प्रार्थना
यह प्रार्थना शांति और प्रेम के लिए है। इसमें हम परमेश्वर से निवेदन करते हैं कि वे हमारे हृदय को अपनी दिव्य शांति से भर दें और हमें एक-दूसरे से सच्चा प्रेम करना सिखाएं।
“हे पिता शालोम के परमेश्वर हम जानते है की शांति केवल आप ही दे सकते हैं, प्रभु यीशु मसीह के बलिदान के द्वारा हमे सच्ची शांति मिल चुकी है, संसार हमे शांति नहीं दे सकता केवल आपके वचन में ही मिलती है और यीशु मसीह के नाम से ये वचन हमारे जीवन में पूरा हो।
‘मैं तुम्हें शान्ति दिए जाता हूँ, अपनी शान्ति तुम्हें देता हूँ; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता : तुम्हारा मन व्याकुल न हो और न डरे। ‘ यूहन्ना 14:27 आमीन”
15. विश्वास बढ़ने के लिए प्रार्थना
यह प्रार्थना विश्वास बढ़ने के लिए है। इसमें हम परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमारा विश्वास हर दिन और मजबूत हो। हम प्रभु यीशु मसीह से निवेदन करते हैं कि वे संदेह और डर को दूर करें और हमें उन पर पूरा भरोसा रखने की शक्ति दें। यह प्रार्थना हमें याद दिलाती है कि परमेश्वर हमेशा हमारे साथ हैं।
“हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर हम आपका शुक्र करते हैं की आपने हमे अपने जीवित नाम पर विश्वास रखने का अधिकार दिया है आप जीवित है वो हमारा विश्वास आपके उप्पर है प्रभु हमारी प्रार्थना है की ये विश्वास कभी कमज़ोर न पड़े और हमेशा स्थिर रहे ‘“विश्वास से धर्मी जन जीवित रहेगा।” रोमियों 1:17 आमीन”
16. घर में एकता के लिए प्रार्थना
यह प्रार्थना घर में एकता के लिए है। इसमें हम परमेश्वर से निवेदन करते हैं कि वे हमारे परिवार को प्रेम, समझ और एकजुटता से बाँध कर रखें।
“हे परमेश्वर हम आपका धन्यवाद करते हैं की आपने हमे अच्छा परिवार दिया हम आपसे प्रार्थना करते हैं की हमारे परिवार में आपकी शांति और एकता बनी रहे और हम सब के बीच आपका प्यार बना रहे और शैतान की कोई भी चाल मेरे और मेरे परिवार में काम ना करने पाए , बल्कि आपके पवित्र आत्मा की मौजूदगी हमारे जीवन में बनी रहे। ‘देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें! ‘ भजन संहिता 133:1’ आमीन”
17. गलत आदतों से छुटकारे के लिए प्रार्थना
यह प्रार्थना गलत आदतों से छुटकारे के लिए है। इसमें हम परमेश्वर के सामने अपनी कमजोरियों को स्वीकार करते हैं और प्रभु यीशु मसीह से शक्ति मांगते हैं कि वे हमें बुरी आदतों और प्रभाव से आज़ाद करें।
“हे परमेश्वर मैं बार बार पाप में गिर जाता हूँ और अपने आप खड़ा नहीं हो सकता मुझे आपकी मदद चाहिए ताकि मैं फिर से पाप में ना गिरने पाउ बल्कि आपके वचन और आपकी पवित्रता में स्थिर रह सकू, प्रभु आपका लहू हर बुरी आदतों से आज़ाद करता है, यीशु मसीह के नाम से हर बुरी आदतें मेरे जीवन से भाग रही है।
‘इसलिये यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है : पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, सब बातें नई हो गई हैं। ‘ 2 कुरिन्थियों 5:17’ आमीन”
18. अच्छे भविष्य के लिए प्रार्थना
यह प्रार्थना अच्छे भविष्य के लिए है। इसमें हम परमेश्वर से निवेदन करते हैं कि वे हमारे जीवन की योजना को अपने अनुसार पूरा करें। हम प्रभु यीशु मसीह से मांगते हैं कि वे हमें सही दिशा, सफलता और आशीर्वाद दें, ताकि हमारा भविष्य उनकी इच्छा के अनुसार उज्ज्वल और सफल हो।
“हे प्रभु येशु मसीह मैं आपका धन्यवाद करता हूँ। आपसे विनती प्रार्थना करता हूँ ,मेरा भविष्य उज्जवल बनाये। येशु मसीह खुदावंद मैंने पूरे दिल से आप पर विश्वास किया है कृपया मेरी प्रार्थना को सुन कर उत्तर दीजिये। ताकि मैं आपके नाम की गवाही दूँ, क्यूंकि आपका वचन बताता हैं की जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय में करता हूँ वे हानि की नहीं परन्तु लाभ ही की है।
क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएँ मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानि की नहीं, वरन् कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूँगा । ‘ यिर्मयाह 29:11 आमीन”
19. पवित्र जीवन के लिए प्रार्थना
यह प्रार्थना पवित्र जीवन के लिए है। इसमें हम परमेश्वर से निवेदन करते हैं कि वे हमारे हृदय और जीवन को शुद्ध करें। हम प्रभु यीशु मसीह से प्रार्थना करते हैं कि वे हमें पाप से दूर रखें और सच्चाई, दया और पवित्रता में जीने की शक्ति दें।
“हे परमेश्वर आप पवित्र पवित्र और अति पवित्र हैं, प्रभु जी हम आपसे दुआ करते हैं की आप हमे भी पवित्र बनाएं ताकि हम भी आपके बच्चे बन सके क्यूंकि आपका वचन कहता है ‘क्योंकि लिखा है, “पवित्र बनो, क्योंकि मैं पवित्र हूँ।” 1 पतरस 1:16, प्रभु हम भी पवित्र बनते जाएँ ताकि हम आपके स्वर्ग के राज्ये में दाखिल होने पाएं। आमीन”
20. विवाह के लिए प्रार्थना
यह प्रार्थना विवाह के लिए है। इसमें हम परमेश्वर से निवेदन करते हैं कि वे विवाह के बंधन को अपने प्रेम, विश्वास और समर्पण से मजबूत करें।
“सर्वशक्तिमान परमेश्वर, आप यहोवा यीरे हैं आप इन्तेज़ामी परमेश्वर हैं और आप सब जानते हैं की हमे कब क्या चाहिए, हे प्रभु मैं अपने विवाह की साड़ी बातों को आपके पवित्र हाथों में सौंपता हूँ और विश्वास करता हु की आप ही मेरे लिए एक अच्छे साथी का प्रभंध करेंगे।
‘अत: वे अब दो नहीं, परन्तु एक तन हैं। इसलिये जिसे परमेश्वर ने जोड़ा है, उसे मनुष्य अलग न करे।” मत्ती 19:6 आमीन”
21. व्यवसाय (Business) के लिए प्रार्थना
यह प्रार्थना व्यवसाय (Business) के लिए है। इसमें हम परमेश्वर से निवेदन करते हैं कि वे हमारे काम और मेहनत पर अपना आशीष बनाए रखें।
“हे परमेश्वर मैं अपने Business आपके हाथों में सौंपता हूँ और प्रार्थना करता हूँ की मेरे Business में आपकी आशीष और बरकत आये और जिस भी चीज़ में मैं अपना हाथ डालू उसे आप सफलता में बदल दें, जैसे आपने युसूफ को बनाया वैसे मुझे भी एक सफल मनुष्य बनाएं।
‘यूसुफ अपने मिस्री स्वामी के घर में रहता था, और यहोवा उसके संग था इसलिये वह भाग्यवान् पुरुष हो गया, और यूसुफ के स्वामी ने देखा कि यहोवा उसके संग रहता है, और जो काम वह करता है उसको यहोवा उसके हाथ से सफल कर देता है। ‘ उत्पत्ति 39:2-3 आमीन”
सारांश
“प्रार्थना हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि हमें अपने आत्मिक जीवन में या सांसारिक जीवन में किसी भी प्रकार की परेशानी महसूस हो रही है तो हम विश्वास के साथ प्रार्थना में बैठ सकते हैं। प्रार्थना करने से विभिन्न प्रकार की मुसीबतों से डटकर सामना करने का साहस मिलता है, और जीवन में शांति भी आती है। प्रार्थना करने से कई बंधन टूटते हैं, और आपके आत्मिक जीवन की बढ़ोतरी होती है। जब आप प्रार्थना के साथ कोई भी कार्य करते हो तो वह ज़रूर सफल होता है। यदि आप अपने जीवन में प्रार्थना को प्रथम स्थान देते हैं, तो पवित्र आत्मा आपको अपनी अगुवाई में ले चलता है, और शैतान की कोई भी शक्ति आपको छू नहीं पाएगी।”
प्रार्थना करते वक़्त आपका परमेश्वर पर विश्वास होना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि प्रभु ने अपने वचन में कहा है कि “तुम चंगे अपने विश्वास के वजह से हुए हो”।
यदि आपका विश्वास, परमेश्वर पर है तो आपकी प्रार्थनाओं का उत्तर आपको ज़रूर मिलेगा।
