पुराना नियम

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भजन संहिता: प्रार्थना और स्तुति का ग्रंथ

भजन संहिता, बाइबिल का अठारहवाँ ग्रंथ है, जिसे ज़बूर भी कहा जाता है। यह पुस्तक इब्रानी कविता और गीतों का एक संग्रह है, जिसमें परमेश्वर की स्तुति, धन्यवाद, प्रार्थना, और जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में विचार व्यक्त किए गए हैं।

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अय्यूब: धैर्य और विश्वास की परीक्षा

अय्यूब, बाइबिल का सत्रहवाँ ग्रंथ है, जिसमें एक धर्मी व्यक्ति अय्यूब की कठिन परीक्षा की कहानी को बताया गया है। यह पुस्तक मानव दुख, परमेश्वर की प्रभुता, और धैर्य के विषय पर गहराई से विचार करती है।

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एस्तेर: मुक्ति की कहानी

एस्तेर, बाइबिल का सोलहवाँ ग्रंथ है, जिसमें यहूदी लड़की एस्तेर की कहानी है जो फारस की रानी बन जाती है और अपने लोगों को विनाश से बचाती है। यह पुस्तक परमेश्वर की गुप्त योजना और मानव इतिहास में उनके हस्तक्षेप को दर्शाती है।

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नहेम्याह: यरूशलेम की पुनर्स्थापना

नहेम्याह, बाइबिल का पंद्रहवाँ ग्रंथ है, जो यहूदी नेता नहेम्याह के नेतृत्व में यरूशलेम की दीवारों के पुनर्निर्माण की कहानी को बताता है। यह पुस्तक इस्राएल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पुनर्निर्माण काल को दर्शाती है।

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एज्रा: वापसी और पुनर्निर्माण

एज्रा, बाइबुल का चौदहवाँ ग्रंथ है, जो यहूदी लोगों की बाबुल से वापसी और यरूशलेम में मंदिर के पुनर्निर्माण की कहानी को बताता है। यह पुस्तक इस्राएल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पुनर्निर्माण काल को दर्शाती है।

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2 इतिहास: यहूदा के राजाओं का इतिहास

2 इतिहास, बाइबिल का तेरहवाँ ग्रंथ है, जो यहूदा राज्य के इतिहास को सुलैमान के बेटे रेहाबाम से लेकर बाबुल के निर्वासन तक का वर्णन करता है। यह पुस्तक 1 राजाओं और 2 राजाओं की सामग्री को पुनर्व्यवस्थित और विस्तारित करती है, साथ ही अतिरिक्त विवरण और सामग्री भी शामिल करती है।

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1 इतिहास: दाऊद और सुलैमान का इतिहास

1 इतिहास, बाइबिल का बारहवां ग्रंथ है, जो दाऊद और सुलैमान के जीवन और शासनकाल पर अधिक विस्तार से ध्यान केंद्रित करता है। यह पुस्तक 2 शमूएल और 1 राजाओं की सामग्री को पुनर्व्यवस्थित और विस्तारित करती है, साथ ही अतिरिक्त विवरण और सामग्री भी शामिल करती है।

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2 राजाओं: पतन और निर्वासन

2 राजाओं, बाइबिल का ग्यारहवाँ ग्रंथ है, जो इस्राएल और यहूदा राज्यों के पतन और निर्वासन तक की कहानी को बताता है। यह पुस्तक इस्राएल और यहूदा के राजाओं के अच्छे और बुरे कामों, उनके परमेश्वर से दूर होने और इसके परिणामस्वरूप होने वाली विपत्तियों का वर्णन करती है।

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1 राजाओं: सुलैमान का शासन और राज्य का विभाजन

1 राजाओं, बाइबिल का दसवां ग्रंथ है, जो दाऊद के पुत्र सुलैमान के शासनकाल की शुरुआत और इस्राएल राज्य के दो भागों में विभाजन तक की कहानी को बताता है।

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2 शमूएल: दाऊद का राज्याभिषेक और चुनौतियाँ

2 शमूएल, बाइबिल का नौवां ग्रंथ है, जो दाऊद के राज्याभिषेक, उसके राज्य के विस्तार, और उसके जीवन में चुनौतियों का वर्णन करता है।

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1 शमूएल: राजा की आवश्यकता

1 शमूएल, बाइबिल का आठवां ग्रंथ है, जो इस्राएल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ का वर्णन करता है। यह पुस्तक न्यायियों के काल के अंत से लेकर शाऊल के राज्याभिषेक तक की अवधि को कवर करती है।

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रूत: वफादारी और दया की कहानी

रूत, बाइबिल का छोटा पर प्रभावशाली ग्रंथ है, जो मोआबी विधवा रूत की कहानी को बताता है, जो अपने सास नाओमी के साथ इस्राएल लौटती है और अंततः दाऊद के वंशावली में शामिल हो जाती है।

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न्यायियों: संकट और उद्धार का काल

न्यायियों, बाइबिल का सातवां ग्रंथ है, जो इस्राएलियों के कनान देश में बसने के बाद के काल का वर्णन करता है। इस अवधि में इस्राएली लोग बार-बार परमेश्वर से दूर हटते हैं और उसके परिणामस्वरूप विदेशी शक्तियों के अधीन हो जाते हैं। परमेश्वर की दया से, वह समय-समय पर न्यायियों को उठाता है जो उन्हें मुक्ति दिलाते हैं।

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व्यवस्थाविवरण: पुनरावृत्ति और आज्ञापालन

व्यवस्थाविवरण, बाइबिल का पांचवां ग्रंथ है, जिसमें मूसा द्वारा इस्राएलियों को वादा किए हुए देश में प्रवेश करने से पहले उनके जीवन के नियमों और परमेश्वर के साथ उनके संबंधों की पुनरावृत्ति की जाती है।

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लैव्यव्यस्था: पवित्रता और आराधना की पुस्तक

लैव्यव्यस्था, बाइबिल का तीसरा ग्रंथ है, जो इस्राएलियों के लिए पवित्रता, आराधना और परमेश्वर के साथ सही संबंध स्थापित करने के नियमों और विधानों को प्रस्तुत करता है।

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निर्गमन: मुक्ति और करार की पुस्तक

निर्गमन, बाइबिल का दूसरा ग्रंथ है, जो इस्राएलियों की मिस्र से मुक्ति और सिनाई पर्वत पर परमेश्वर के साथ उनके करार की कहानी को विस्तार से बताता है।

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उत्पत्ति: की संरचना और विषय-वस्तु

उत्पत्ति: सृष्टि, प्रारंभिक मानव इतिहास, वादों का समय, और नैतिक शिक्षाओं की पुस्तक, जो ईसाई धर्म के मूल विश्वासों और परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं को दर्शाती है।

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